पत्रकार से ₹50 हजार रिश्वत मांगने का आरोप निराधार, जान से मारने की धमकी पर भी हंगामा — पत्रकारों ने सौंपा ज्ञापन
नर्मदापुरम के पिपरिया में पत्रकार नर्मदा पटेल 'मामा' पर ₹50 हजार रिश्वत मांगने का आरोप, परिचित को जान से मारने की धमकी। आरोप को निराधार बताते हुए पत्रकारों ने थाने पहुंच एसपी को ज्ञापन सौंप निष्पक्ष जांच की मांग की।
रिपोर्ट: विकास सियारिया
नर्मदापुरम/पिपरिया। पचमढ़ी स्थित होटल ग्रैडेल के कथित अवैध कब्जे से जुड़ी खबरों के प्रकाशन के बाद पत्रकार नर्मदा पटेल 'मामा' पर ₹50 हजार की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही पत्रकार के एक परिचित को जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला भी सामने आया है, जिसके बाद पत्रकार साथियों में आक्रोश देखा गया।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, पत्रकार नर्मदा पटेल 'मामा' के एक परिचित के पास प्रयागराज रघुवंशी के नाम से कथित रूप से फोन आया। आरोप है कि फोन पर खबर प्रकाशित किए जाने पर आपत्ति जताते हुए चौराहे पर गोली मरवाने की धमकी दी गई।
इसके बाद प्रयागराज रघुवंशी की फेसबुक वॉल से एक पोस्ट सामने आई, जिसमें पत्रकार नर्मदा पटेल पर ₹50 हजार मांगने का आरोप लगाया गया। पत्रकार पक्ष ने इस आरोप को पूरी तरह निराधार व झूठा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पत्रकारों ने थाने पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
मामले को लेकर बड़ी संख्या में पत्रकार एकजुट होकर थाना स्टेशन रोड, पिपरिया पहुंचे और पुलिस अधीक्षक, नर्मदापुरम के नाम थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में निम्न मांगें रखी गईं:
रिश्वत मांगने के आरोप की निष्पक्ष जांच की जाए
जान से मारने की धमकी वाले कॉल की जांच हो
दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए
उपलब्ध कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया पोस्ट व अन्य साक्ष्यों की गहनता से जांच कर वास्तविक तथ्य सामने लाए जाएं
ज्ञापन सौंपने के दौरान नर्मदा पटेल, संजय राजपूत, पंकज पाल, शरीफ खान, शकील नियाजी, नरेंद्र रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
पत्रकारों का कहना है कि किसी भी आरोप की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होनी चाहिए, और धमकी की पुष्टि होने पर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।